मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के द्वारा बिना कोई मीटर लगाए ही मेरे पिताजी को अनुमानित खपत की गलत बिजली बिल जारी किया जा रहा है

मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी डीसी गोविंदगढ़ डिवीजन रीवा ईस्ट जिला रीवा मध्य में बिजली विभाग द्वारा मेरे पिता जी के द्वारा सन् 1989 से लिए गए घरेलू बिजली कनेक्शन में बिना कोई मीटर लगाए ही अनुमानित खपत का गलत बिजली बिल जारी करके हम गरीब मजदूर बुजुर्ग लोगों पर जबरजस्ती ही बिल थोपने का प्रयास कर रहे हैं क्या करें

Dear @Chintamani_Kushwaha

मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPPKVVCL) द्वारा बिना मीटर लगाए अनुमानित बिल भेजने की शिकायत के लिए आप टोल-फ्री नंबर 1912 या 1800-233-1266 पर कॉल करें । आप विभाग की वेबसाइट https://www.mpez.co.in/ पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं ।

चूंकि यह मामला पुराना है, इसलिए आप अपने स्थानीय सहायक यंत्री (Assistant Engineer) कार्यालय, गोविंदगढ़ में लिखित आवेदन देकर पावती (receipt) अवश्य लें। यदि समस्या का समाधान नहीं होता है, तो आप उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच (CGRF) या विद्युत लोकपाल (Ombudsman) के पास अपील कर सकते हैं । आप CM हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

अगर फिर भी मदद चाहिए, तो हमें जवाब दें।

हमने बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर1912 में भी शिकायत दर्ज कराई है और सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 में भी शिकायत दर्ज कराई है और अपने क्षेत्र में विद्युत वितरण कंपनी डीसी गोविंदगढ़ में भी शिकायत दर्ज कराने गए थे लेकिन अधिकारियों ने बिल को सुधारने के बदले में हमारे पिता जी से 3000/-रु. मांग रहे थे तो फिर रुपए नहीं दिए मेरे पिताजी ने तो फिर हमारे बिल को भी नहीं सुधारा गया है जिसकी जानकारी हमने बिजली विभाग में डिवीजन रीवा ईस्ट जिला रीवा मध्य प्रदेश में भी शिकायत दर्ज कराई है लेकिन हमारे शिकायतों पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है ना मीटर लगाया जा रहा है , ना ही हमारे पिता जी के कनेक्शन में लोड को कम किया जा रहा है और ना ही बिजली बिल में कोई सुधार ही किया जा रहा है । हम लोग बहुत ही मानसिक शारीरिक पारिवारिक एवं आर्थिक रूप से परेशान हैं तो क्या करें।

मान्यवर :folded_hands:!
श्री मान मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी विभाग के सभी सम्माननीय वरिष्ठ अधिकारियों से विनम्रता पूर्वक निवेदन करते हैं की यह विषय बहुत ही ज्यादा गम्भीर है जिस पर विशेष ध्यान दिया जाना बहुत ही जरूरी है।और आगे की बात यह है की हमारे पिता जी श्री भोला प्रसाद वर्मा जी जिनका मोबाइल नंबर वैकल्पिक *******3088 है जिस पर संपर्क किया जा सकता हैं। और परमानेंट मौजूद स्थाई मोबाइल नंबर जिसको बिजली बिल में फीड भी करवाना है *******378 है। और जिनके बिजली बिल का IVRS नम्बर 1489005552 है डीसी गोविंदगढ़, डिवीजन रीवा ईस्ट,ग्राम शिवपुर्वा 601 जिला रीवा म.प्र.है । जिन्होंने सन् 1989 में घरेलू बिजली कनेक्शन लिए थे जिसको 2006 में डिजिटल अपडेट किया गया है। जिसमें बिजली कनेक्शन लेने के दिन से लेकर के आज दिसम्बर 2025 तक कोई मीटर नहीं लगाया गया है और आज तक अनुमानित यूनिट खपत का ही बिजली बिल जारी किया जाता रहा है। जिसे 2022 तक हम लोग समय से जमा भी करते रहे हैं।
जबकी हमारे पिता जी के द्वारा कई बार मीटर लगवाने के लिए गोविंदगढ़ डीसी कार्यालय में जाकर मौखिक रूप से शिकायत किया गया है और लिखित रूप से भी मीटर लगवाने के लिए आवेदन पत्र भी दिए गए हैं लेकिन हर बार मीटर लगाने का सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता रहा है और आज दिसम्बर 2025 तक में भी कोई मीटर नहीं लगाया गया है। जबकी बिजली कनेक्शन के समय ही मीटर लगाना बहुत ही जरूरी होता है। (यहाँ तक की हमारे पूरे ग्राम पंचायत में भी आधे से ज्यादा घरों में बिजली का मीटर नहीं लगाया गया है।)
और फिर 2022 से विभाग के द्वारा अचानक से असंवैधानिक मनमाने गलत तरीकों से अपनी मर्जी से ही मेरे पिताजी को किसी भी प्रकार की कोई जानकारी दिए बिना ही मेरे पिता जी के बिना किसी प्रकार की कोई लिखित सहमती के ही लोड को बढ़ा करके 2 किलो वॉट का कर दिया गया है जबकी लोड को बढ़वाने की हम लोगों को बिल्कुल भी जरूरत ही नहीं है क्योंकि मेरे घर में ज्यादा बिजली की खपत ही नहीं होती है। और फिर माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए जा रहे सब्सिडी को भी मेरे पिता जी के बिजली बिल में जो मिल रही थी उस सब्सिडी को भी 2022 से बन्द कर दिया गया है और बिजली बिल 300 यूनिट खपत का अनुमानित ही असंवैधानिक गलत मनमाने तरीकों से 3000/-रु.के आस पास प्रति माह का बिल जारी किया जाने लगा है (जैसे हम लोगों का घरेलू बिजली कनेक्शन ना होकर कॉमर्शियल कनेक्शन हो ) जो की बिजली विभाग के कर्मचारियों/अधिकारियों के द्वारा मनमाने असंवैधानिक गलत तरीकों से बहुत ही गलत, निन्दनीय,अनुचित कार्य किया जा रहा है जिसकी हम लोग बहुत ही कठोर और कड़े शब्दो मे निन्दा भी करते हैं।और इस प्रकार से किए गए गलत अनुचित मनमाने तरीके के कार्यों पर कठोर और कड़ी आपत्ती व्यक्त करते हैं। और आगे भी हमेशा इस तरह से किए जाने वाले सभी कार्यों पर कठोर निन्दा और कड़ी आपत्ती दर्ज कराते रहेंगे। और ऐसे अनुचित मनमाने असंवैधानिक गलत कार्य करने वाले अधिकारियों/ कर्मचारियों पर बहुत ही कड़ी कार्यवाही करवाने की मांग भी करते हैं। जबकी हमारे घर की वास्तविक बिजली खपत प्रति माह 100 यूनिट के अन्दर ही होगा जिसे बिजली विभाग के द्वारा मीटर लगा कर के मेरे घर की वास्तविक बिजली खपत और मेरे घर के बिजली के लोड दोनों को जांच करके कन्फर्म भी किया जा सकता है।और मीटर लगाना बहुत ही जरूरी भी है। जिससे हमारे घर की बिजली खपत की सही तरीके से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। लेकिन फिर भी हम लोगों के कई बार मौखिक और लिखित रूप से आवेदन करने के बाद भी गोविंदगढ़ डीसी के माननीय अधिकारियों/कर्मचारियों के द्वारा पता नहीं क्यों किस कारण से हमारे पिता जी के द्वारा लिए गए घरेलू बिजली कनेक्शन में मीटर नहीं लगाया जा रहा है। और अनुमानित ही 300 यूनिट का 3000/-रु.प्रति माह के आस पास का मनमाने, गलत तरीकों से बिजली बिल जारी करके बिजली विभाग द्वारा हमारे ऊपर जबरजस्ती ही ओभर बिजली खपत का बिल थोपने का प्रयास कर रहे हैं और जिस बिजली खपत का हम लोगों ने कभी उपयोग ही नहीं किया है और ना ही उपयोग कर रहे हैं तो उस बिजली खपत की राशि को हम गरीब मजदूर लोगों से जबरजस्ती जमा करवाने का प्रयास कर रहे हैं जिसको हम गरीब मजदूर लोग आर्थिक रूप से बहुत ही ज्यादा कमजोर लोग कभी भी जमा ही नहीं कर सकते हैं और ना ही कभी जमा ही कर पाएंगे लेकिन फिर भी हम लोगों को मानसिक रूप से बहुत ही ज्यादा परेशान करने के लिए हर महीने गलत बिजली खपत की गलत बिजली बिल जारी किया जा रहा है। और मानसिक रूप से बहुत ही ज्यादा परेशान करने के लिए हर महीने गलत बिजली खपत की गलत बिजली बिल जारी किया जा रहा है ।
जबकी मेरे पिताजी जनवरी 2023 में ही अपना पूरा पिछला बिल जमा करने के बाद गोविंदगढ़ डीसी के कार्यालय में जाकर अपना बिल सुधरवाने के लिए अधिकारियों से शिकायत किए एवं कार्यालय में बैठे माननीय अधिकारियों से अपने बिजली बिल में सुधार करने हेतु शिकायत/निवेदन किए और हांथ जोड़कर काफी मिन्नतें भी किए एवं लिखित आवेदन भी देने लगे लेकिन तब कार्याल में बैठे अधिकारियों ने मेरे पिताजी से बिजली बिल को सुधार देने के बदले में 3000/-रु. मांगने लगे और 3000/-रु.मिल जाने के बाद ही बिल में सुधार करके बिना कोई मीटर लगाए ही मा.मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए जा रहे सब्सिडी के अंतर्गत दायरे में ले आकर बिजली बिल की राशि को घटवा करके एवं 100 यूनिट खपत प्रति माह के अन्दर का करवा करके बिजली बिल जारी करवाने का आश्वासन देने लगे/बात कहने लगे। लेकिन जिसमें फिर मेरे बुजुर्ग पिताजी एवं हम गरीब मजदूर लोग कार्यालय में बैठे पैसे मांग रहे अधिकारियों को 3000/-रु. देने में आर्थिक रूप से बिल्कुल भी सक्षम नहीं होने के कारण गोविंदगढ़ डीसी कार्यालय में बैठे अधिकारियों को 3000/- रु. नहीं दे सके एवं देने से मना कर दिए नहीं दिए। तो फिर जिसके कारण मेरे पिताजी के नाम से जारी किए गए घरेलू बिजली कनेक्शन बिल को अभी तक भी नहीं सुधारा गया है और लगातार 2023 से मनमाने तरीकों से अनुमानित खपत 300 यूनिट का 3000/-रु. के आस पास प्रति माह का गलत बिजली बिल जारी किया जा रहा है। जिसको जमा करने में हम गरीब मजदूर लोग आर्थिक रूप बिल्कुल भी सक्षम नहीं हैं। इसी लिए हम लोग इतनी बड़ी गलत बिजली बिल की राशि को कभी भी नहीं जमा कर पाएंगे।
और इसीलिए फिर 2023 के बाद से गलत,अनुचित,मनमाने तरीके से जारी किए जा रहे बिजली बिल एवं हमारे पिता जी और हम गरीब मजदूर लोगों के आर्थिक क्षमता भार से बहुत ही ज्यादा आ रहे बिजली बिल को जिसे हम लोग जमा करने में आर्थिक रूप से बिल्कुल भी सक्षम नहीं हैं और कभी जमा भी नहीं कर पाएंगे तो फिर बिल को हम लोग जमा करना भी बन्द कर दिए हैं।
लेकिन फिर भी बाद में भी कई

Dear @Chintamani_Kushwaha

यह बहुत गंभीर मामला है कि 181 और 1912 पर शिकायत के बाद भी रिश्वत (₹3000) मांगी जा रही है और समस्या ज्यों की त्यों है। रिश्वत बिल्कुल न दें और नीचे दिए गए सख्त कदम उठाएं।

बिना मीटर के अनुमानित/गलत बिल, लोड बढ़ाना और बिल “ठीक करने” के बदले 3000 रु. मांगना गंभीर मामला है। रिश्वत न दें; जो भी मांग की गई, तारीख‑समय, अधिकारी का नाम/पद, गवाह, ऑडियो/लिखित सबूत सुरक्षित रखें। लिखित आवेदन देकर “मीटर तत्काल लगाना + लोड वास्तविक करना + बिल पुनर्गणना/सब्सिडी बहाल” मांगें और प्राप्ति रसीद लें; भुगतान केवल ऑनलाइन/रसीद के साथ करें।

तत्काल कार्यवाही:

CM Helpline Portal पर शिकायत एस्केलेट करें:

चूंकि आपने 181 पर कॉल किया था और समाधान नहीं हुआ, अब आप cmhelpline.mp.gov.in पोर्टल पर जाएं 。​

  • “शिकायत की स्थिति” चेक करें और यदि वह बंद कर दी गई है, तो उसे L1/L2 अधिकारी के पास पुनः खोलें (Re-open/Escalate)
  • नई शिकायत दर्ज करते समय स्पष्ट लिखें: “अधिकारी [नाम] द्वारा ₹3000 रिश्वत मांगी गई। मीटर नहीं लगा, गलत बिल भेजा जा रहा है।”
  • आप व्हाट्सएप नंबर +91-755-2555582 पर भी स्थिति जान सकते हैं ।​

लोकायुक्त (Anti-Corruption) में शिकायत: रिश्वत मांगने के खिलाफ MP Lokayukta में शिकायत दर्ज कराएं। आप mplokayukt.nic.in पर जा सकते हैं या लोकायुक्त पुलिस (Rewa संभाग) से संपर्क करें । यह सबसे प्रभावी तरीका है।​

यदि 7–15 दिन में समाधान नहीं हो, CGRF में शिकायत और फिर विद्युत लोकपाल (Ombudsman) में अपील करें।
रिश्वत मांग की शिकायत लोकायुक्त/एंटी‑करप्शन में भी दर्ज कराएं और RTI से आपके कनेक्शन/लोड‑परिवर्तन/बिलिंग रिकॉर्ड मांगें।

If still need help, reply to us.