भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 153 तब लागू होती है जब कोई व्यक्ति किसी ऐसे विदेशी राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ता है, प्रयास करता है, या उकसाता है जो भारत सरकार के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखता है।
यह धारा सुनिश्चित करती है कि भारत के नागरिक किसी भी अनधिकृत युद्ध में शामिल न हों जिससे भारत की राजनयिक स्थिति प्रभावित हो।
सजा:
जो कोई इस अपराध को करता है, उसे आजीवन कारावास, और जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
वैकल्पिक रूप से, सजा सात साल तक की कैद, जुर्माना, या केवल जुर्माना हो सकती है।
यह कैसे सुरक्षा प्रदान करती है:
यह धारा सुनिश्चित करती है कि भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंध सुरक्षित रहें। यह राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक विश्वास बनाए रखने में मदद करती है।
उदाहरण:
यदि कोई व्यक्ति किसी विदेशी राष्ट्र पर हमला करने के लिए किसी सशस्त्र समूह में शामिल होता है या उसे वित्तीय सहायता देता है, तो वह इस धारा के तहत दोषी होगा।
इसी तरह, यदि कोई व्यक्ति किसी शांतिपूर्ण विदेशी देश के खिलाफ युद्ध करने के लिए लोगों को उकसाता है, तो उसे भी दंडित किया जा सकता है।